भारत को त्योहारों की भूमि(land of festival)का दर्जा दिया जाता है। क्योंकि इस देश में हर दिन कोई न कोई त्योहार आता ही रहता है। त्योहारों की भूमि कहलाने के पीछे, आंध्र प्रदेश का बहुत बड़ा हाथ है। आंध्र प्रदेश एक सांस्कृतिक और पौराणिक राज्य है, क्योंकि इस राज्य में हर तरह के त्योहार देखा जाता हैं जैसे उगादी(ugadi),संक्रांति(sankranti),गणेश चतुर्थी(Ganesh Chaturthi), महा शिवरात्रि(Maha Shivaratri), पोंगल(Pongal)आंध्र प्रदेश के त्योहार( festivals of andhra pradesh)
हैं.
पोंगल- यह फसल कटाई के मौसम में मनाया जाता है।।
उगादि- नए साल के दिन पालन किया जाता है।
गणेश चतुर्थी- इसे भगवान गणेश के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है।
महा शिवरात्रि-भगवान शिव की पूजा की जाती है।
दिवाली – प्रकाश का त्योहार
ब्रह्मोत्सवम- भगवान ब्रह्मा के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है।
बुद्ध जयंती- बुद्ध की पूजा की जाती है।
विशाखा उत्सव- दक्षिण भारत का एक अनोखा पर्व।
दशहरा-बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव मनाता है
डेक्कन महोत्सव-आंध्र प्रदेश की कला और शिल्प को समर्पित।
पोंगल
पोंगल एक ऐसा त्यौहार है जो हर साल जनवरी के दूसरे सप्ताह में मनाया जाता है। इसका शाब्दिक अर्थ है "उबलता हुआ", यह त्यौहार किसान समुदाय द्वारा मनाया जाता था, लेकिन आज यह पूरे दक्षिण भारत में मनाया जाता है। इस फेस्टिवल का प्रत्येक दिन का अपना महत्व है जैसे:
पहला दिन - भोगी पोंगल
दुसरा दिन-सूर्य पोंगल
तीसरा दिन - माटू पोंगल
यह आंध्र प्रदेश के अलावा तमिलनाडु, पांडिचेरी और कर्नाटक में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है।
घूमने का समय: जनवरी के महीने के मध्य में।
स्थान: आंध्र प्रदेश का एक छोटा सा शहर, गुंटूर।
उगादी
उगादि त्यौहार नए साल के आने का स्मरणोत्सव है। उगादी को भारत में कुछ हिस्सों में गुड़ी पड़वा के रूप में भी जाना जाता है। यह वह दिन था जिस दिन दुनिया के निर्माता भगवान ब्रह्मा ने अपनी रचना शुरू की थी।
घूमने का समय: हर साल मार्च के अंत में।
स्थान: हैदराबाद और विजयवाड़ा।
गणेश चतुर्थी
गणेश चतुर्थी का त्यौहार पूरे देश में मनाया जाता है। इसे गणेश भगवान की जयंती के रूप में मनाया जाता है, आंध्र प्रदेश में इसे विनायक चतुर्थी कहा जाता है। इस भव्य उत्सव के दिन, आंध्र प्रदेश के लोग पत्तों, फूलों, चंदन के पेस्ट से भगवान की पूजा करते हैं। गणेश चतुर्थी का त्योहार 10 दिनों के बाद अनंत चतुर्दशी पर समाप्त होता है जिसे गणेश विसर्जन दिवस के रूप में भी जाना जाता है।
यात्रा का समय: अगस्त के अंत में।
स्थान: हैदराबाद, कनिपकम, और मछलीपट्टनम।
महा शिवरात्रि
महा शिवरात्रि आंध्र प्रदेश का एक प्रसिद्ध त्योहार है। इस दिन मुख्य रूप से लोग मंदिरों में अपनी प्रार्थना करने जाते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दिन शिव ने पार्वती से शादी की थी और आंध्र प्रदेश का सबसे पुराना त्योहार है।
पूरे दिन कठोर उपवास मनाया जाता है। रात भर, शिव लिंग को हर तीन घंटे में दूध, दही, शहद, गुलाब जल आदि से धोकर भक्ति और एकाग्रता के साथ पवित्र मंत्र 'ओ नमः शिवाय' का जप करते हुए पूजा की जाती है।
घूमने का समय: फरवरी और मार्च के महीने में।
स्थान: कालाहस्तेश्वर मंदिर और भरमारंभ मलिकार्जुनस्वामी मंदिर प्रार्थना के लिए दो सबसे महत्वपूर्ण मंदिर हैं।
दिवाली
दिवाली एक ऐसा त्यौहार है जो पूरे भारत में मनाया जाता है। प्रकाश के त्योहार के रूप में भी जाना जाता है। त्योहार आने से बहुत पहले लोग दीवाली की तैयारी में अपने घरों को साफ और सफेद करते हैं। घरों को दीयों और दीयों से खूबसूरती से सजाया जाता है;
घूमने का समय: लगभग अक्टूबर या नवंबर का महीना।
स्थान: आंध्र प्रदेश के सभी स्थानों में।
श्रीवारी ब्रह्मोत्सवम
ब्रह्मोत्सवम एक हिंदू त्योहार है जो आंध्र प्रदेश के तिरुपति में तिरुमाला वेंकटेश्वर मंदिर में हर साल मनाया जाता है। यह महान त्योहार तिरुपति में मनाया जाता है, जो भारत के सबसे अधिक देखे जाने वाले मंदिरों में से एक है। यह नौ दिवसीय उत्सव तिरुमाला वेंकटेश्वर मंदिर में भव्य उत्सव के साथ मनाया जाता है। ब्रह्मोत्सवम त्योहार भगवान वेंकटेश्वर का सबसे भव्य त्योहार है और हर साल सितंबर-अक्टूबर के बीच 10 दिनों तक मनाया जाता है।
घूमने का समय: सितंबर या अक्टूबर के महीने के बीच।
स्थान: तिरुमाला शहर, जो तिरुपति से 22 किमी दूर स्थित है।
बुद्ध जयंती
बुद्ध जयंती यह आंध्र प्रदेश में विशेष रूप से अमरावती, हैदराबाद और नागार्जुनसागर में बहुत महिमा के साथ मनाया जाता है। इस शुभ दिन पर, लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा होते हैं और उनकी भलाई के लिए प्रार्थना करते हैं।
घूमने का समय: मई के महीने में।
स्थान: विशेष रूप से हैदराबाद और अमरावती में।
विशाखा उत्सव
आंध्र प्रदेश पर्यटन विकास निगम द्वारा आयोजित विशाखा उत्सव, विशाखा उत्सव प्रत्येक वर्ष बड़ी संख्या में स्थानीय और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करता है। 3-दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव अक्टूबर से दिसंबर तक मनाया जाता है।
घूमने का समय: हर साल दिसंबर के अंत में।
स्थान: विशाखापत्तनम के अरक्कू ब्रिज पर।
दशहरा
दशहरा का त्यौहार विजयादशमी और दुर्गा पूजा के रूप में लोकप्रिय है। आंध्र प्रदेश में दुर्गा पूजा एक महत्वपूर्ण त्योहार है। विजयादशमी 10 दिनों तक मनाई जाती है जहां लोग माता दुर्गा को पूजा करते हैं। .
घूमने का समय: यह ज्यादातर फरवरी या मार्च के महीनों में पड़ता है।
स्थान: पूरे आंध्र प्रदेश में।
डेक्कन महोत्सव
डेक्कन त्यौहार आंध्र प्रदेश के सबसे प्रसिद्ध त्योहारों में से एक है। PROKPOLIT डेक्कन फेस्टिवल यह 3-दिवसीय त्यौहार हर साल अप्रैल के दूसरे शुक्रवार, शनिवार और रविवार को हैदराबाद में मनाया जाता है। संगीत, नृत्य, रंगमंच, ग़ज़ल, मुशायरा, कव्वाली और कला और साहित्य इस सांस्कृतिक उत्सव की प्रमुख विशेषताएं हैं। इस दौरान मोतियों और चूड़ियों के मेले भी लगते हैं
यात्रा का समय: डेक्कन त्योहार फरवरी और मार्च के महीने में मनाया जाता है।
स्थान: कुतुब शाही मकबरे, हैदराबाद में मनाया जाता है।
• आंध्र प्रदेश में त्योहारों के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आंध्र प्रदेश का सबसे प्रसिद्ध त्योहार कौन सा है?
यहाँ सभी प्रकार के त्यौहार बनाने के अलावा, उगादी आंध्र प्रदेश का सबसे प्रसिद्ध त्यौहार है।
• क्या आंध्र प्रदेश में कोई विशेष त्योहार है?
आंध्र प्रदेश में विशेष त्योहारों की सूची में आता है पोंगल, उगादी, दशहरा, विनायक चतुर्थी, विशाखा उत्सव, ब्रह्मोत्सवम, लुंबिनी महोत्सव, डेक्कन त्योहार आदि।
आंध्र प्रदेश का प्रसिद्ध त्यौहार कौन सा है?
मकर संक्रांति
यह जनवरी के महीने में 4 दिनों के लिए मनाया जाता है। यह नाम मध्य भारत में माघी, पेड्डा पंडगा, मकर संक्रांति, सुकरत जैसे भारत में विभिन्न स्थानों में अलग-अलग नामों से बोला जाता है।
किस राज्य का प्रसिद्ध त्यौहार है ?
छठ पूजा को भारत में एक प्रसिद्ध त्योहार का दर्जा दिया जाता है।
पांच राष्ट्रीय त्यौहार कौन से हैं?
भारत में अलग-अलग तरह के त्योहार मनाए जाते हैं, लेकिन इनमें से प्रमुख पांच त्योहारों के नाम हैं महा शिवरात्रि, पोंगल, ओणम, बैसाखी, रक्षाबंधन, गुरुपर्व, मकर संक्रांति।
4 धार्मिक त्यौहार कौन से हैं?
प्रमुख धार्मिक आयोजन
क्रिसमस और ईस्टर।
दिवाली।
हज।
रमजान और ईद उल-फितर।
आंध्र प्रदेश में डेक्कन त्यौहार कैसे मनाया जाता है?
डेक्कन महोत्सव आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध त्योहारों में से एक है, जो 5 दिनों तक मनाया जाता है, जो हैदराबाद की कला संस्कृति को समर्पित है। यह त्योहार हैदराबाद की आत्मा को जीवित रखता है।

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